शुक्रवार, 25 सितंबर 2015

क्या है कोलेस्ट्रॉल? What is Cholesterol?

क्या है कोलेस्ट्रॉल? What is Cholesterol?
कोलेस्ट्रॉल
प्रत्येक वर्ष लाखों लोगों की मृत्यु हृदय रोग से होती है। इसका मुख्य कारण है शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा का सामान्य से अधिक होना। जंक फूड का सेवन, अनियमित निद्रा, योग और एक्सरसाइज से कोसों दूर रहना भी इस समस्या को और गंभीर बना देता है। खानपान और रोजाना की आदत शरीर में कोलेस्ट्रॉल स्तर को बढ़ाती भी है और घटाती भी है। ऐसे में इसका संतुलित रहना आपके स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
Formula: C27H46O
Molar mass: 386.65 g/mol
IUPAC ID: (3β)-​cholest-​5-​en-​3-​ol
Melting point: 148 °C
Density: 1.05 g/cm³
Boiling point: 360 °C
बिना व कोलेस्ट्रॉल युक्त धमनी 
कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार का वसा है, जो रक्त में पाया जाता है। यह मस्तिष्क, त्वचा और अन्य अंगों को विकसित होने और उन्हें सही ढंग से काम करने के लिए बेहद आवश्यक होता है। दरअसल, लीवर शरीर के लिए मोम जैसा एक चिकना पदार्थ बनाता है, यही चिकना पदार्थ कोलेस्ट्रॉल कहलाता है। यह हमारे रक्त के सहारे शरीर के सभी हिस्सों में पहुंचकर शरीर को सुचारू रूप से काम करने में मदद करता है। शरीर के कार्यप्रणाली को ठीक रखने के लिए इसकी एक नियत मात्रा आवश्यक होती है। कुछ खाद्य पदार्थ जैसे मीट, अंडा, मक्खन, चीज, दूध आदि के सेवन से भी कोलेस्ट्रॉल की प्राप्ति होती है। रक्त में वसा के प्रोटीन कॉम्प्लेक्स को लिपो-प्रोटीन कहते हैं। लिपो-कोलेस्ट्रॉल दो प्रकार के होते हैं, ′लो डेन्सिटी लिपोप्रोटीन′ (एलडीएल) और ′हाई डेन्सिटी लिपोप्रोटीन′ (एचडीएल)। एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को खराब (बैड) कोलेस्ट्रॉल भी कहा जाता है। यह रक्त में घुलनशील नहीं होता। एलडीएल के धमनियों की दीवारों में जमा होने से धमनियों में रुकावट होती है, जिससे हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। स्वस्थ रहने के लिए एलडीएल कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होनी चाहिए। एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को शरीर के लिए अच्छा माना जाता है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल यानी धमनियों की दीवारों पर जमा हुए कोलेस्ट्रॉल को शरीर से बाहर निकाल कर हार्ट अटैक, स्ट्रोक के खतरे को कम करता है।
बीमारियों का घर
जिन्हें डायबिटीज, हाइपरटेंशन, किडनी एवं लीवर की बीमारी और हाइपर थाइरॉयडिज्म की शिकायत होती है, उनमें भी कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक पाया जाता है। इसके अलावा जिन महिलाओं को मेनोपॉज जल्दी होता है, उनमें भी कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने की आशंका रहती है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर यह खून पहुंचाने वाली नलियों में जमा होना शुरू हो जाता है। इससे दिमाग को सही मात्रा में रक्त और ऑक्सीजन नहीं मिल पाता, जिससे स्ट्रोक का खतरा रहता है। इसके बढ़ने से हृदय तक खून पहुंचाने वाली नस भी ब्‍लॉक हो जाती है, जिससे हार्ट अटैक होता है। इतना ही नहीं यह शरीर में रक्त के बहाव को भी प्रभावित करता है।
फायदेमंद भी है
अगर शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा संतुलित है, तो यह फायदेमंद भी हो सकता है। कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर के लिए कई महत्वपूर्ण हॉर्मोन को बनाने में मदद करता है। खानपान के साथ कई तरह के बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाते हैं, जो कई विषैले तत्व छोड़ते हैं। कोलेस्ट्रॉल इन तत्वों को सोखकर शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। शरीर में मौजूद कोशिकाओं की बाहरी परतों को बनाने, उनकी देखभाल करने और उन्हें जीवित रखने का काम कोलेस्ट्रॉल ही करता है। शरीर पर पड़ने वाली सूर्य की किरणों को विटामिन डी में बदलने, वसा में पाए जाने वाले विटामिन ए, डी, ई के लिए भी यह जरूरी है। कोलेस्ट्रॉल भोजन करने के बाद शरीर में पहुंचने वाली वसा को बाइल एसिड बनाकर पचाता है, स्ट्रोजन, प्रोजेस्ट्रोन, टेस्टोस्टरोन हर्मोन का निर्माण करता है और मस्तिष्क के कार्य प्रणाली को भी स्वस्थ रखने में मदद करता है।
डाइट पर दें ध्यान
जंक फूड, तला-भुना और मसालेदार भोजन, धूम्रपान, शराब आदि का सेवन करने वालों में बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ता है। अंडा, लाल मीट, मक्‍खन, पनीर, केक, घी, वसा युक्त भोजन से परहेज करें और फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करें। सैचुरेटेड फैट युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। वजन बढ़ने न दें। पर्याप्त नींद लें। मोटापे पर कंट्रोल करें।
डॉक्टर कहते हैं:
कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए एक अच्छा दोस्त है, लेकिन इसकी ज्यादा मात्रा शरीर को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। ज्यादा तला-भुना या ऑयली खाना, जंक फूड, शराब, सिगरेट, अधिक अंडे या मीट लेना, एक्सरसाइज न करना इसे बढ़ाने में मदद करता है। बढ़ता मोटापा भी इसी कारण होता है। अगर परिवार में इससे संबंधित कोई बीमारी है, तो हर छह महीने के बाद चेकअप कराएं। यह बीपी, शुगर को भी बढ़ाने में मदद करता है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहे इसके लिए हेल्दी डाइट लें। एक्सरसाइज करें। वजन पर काबू रखें। इससे जुड़ी समस्या होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।
डॉ. प्रणव ईश- स्वस्थ जिंदगी के लिए शरीर में बैड नहीं गुड कोलेस्ट्रॉल का होना जरूरी है। वरना आप हृदय के अलावा कई गंभीर बीमारियों के शिकार हो सकते हैं।

7 टिप्‍पणियां:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (29-09-2015) को "डिजिटल इंडिया की दीवानगी मुबारक" (चर्चा अंक-2113) (चर्चा अंक-2109) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

रचना दीक्षित ने कहा…

ज्ञानवर्धक आलेख.

Anchal Agrawal ने कहा…

बहुत अच्छा लेख है।

Anchal Agrawal ने कहा…

बहुत अच्छा लेख है।

Anchal Agrawal ने कहा…

बहुत अच्छा लेख है।

raju sahu ने कहा…

बहुत काम की है जानकारी

बेनामी ने कहा…

Anda kritik samvab hai.