बुधवार, 4 अप्रैल 2012

क्या है पुरुष स्तनवृद्धि ? What is Gynecomastia?

क्या है पुरुष स्तनवृद्धि? What is Gynecomastia? 

नोट: यह लेख कोई विशेषज्ञ लेख नहीं है मात्र जानकारी है
पुंस्तनबृद्धि  Gynecomastia   ग्य्नेकोमस्टिया
पुरुष स्तन वृद्धि
पुंस्तनवृद्धि या पुरुष स्तन वृद्धि उस स्थिति को कहते है जब पुरुष की स्तन ग्रन्थिया वृधि को प्राप्त होने लगती हैं इस अवस्था में पुरुष के स्तन समान्य से बड़े होने लगते हैं
Gynecomastia का उद्गम एक ग्रीक शब्द से है  यह मेडिकल साइंस का शब्द है जिस का समान्यतः मतलब है  महिला जैसी छातियाँ  “woman-like breasts"
नवजात शिशुओं में यदि यह लक्षण हों तो इसका कारण माँ से प्राप्त महिला हार्मोन हैं और यदि यह लक्षण किशोरावस्था में और प्रौढ़/बुजुर्ग अवस्था में हों तो यह एक असामान्य बीमारी या चयापचय संबंधी विकार के साथ जुड़े हालत  होते हैं  
मोटापा भी पुरुष स्तन वृद्धि का एक कारण हैं, इसके और भी बहुत से कारण हो सकते हैं बचपन, किशोर व युवा अवस्था में यह पुंस्तनवृद्धि लज्जा और हीनभावना का कारण बनती है समुद्रतट पर नहाना या सार्वजनिक स्थानों पर निवस्त्र होना शर्मनाक स्थिति पैदा करता है ज्यादातर लड़कों में जिनमे पुंस्तनवृद्धि की वजह मोटापा नहीं है उनमे स्तनों की वृद्धि वयस्कता की आयु तक पहुँचते तक बिना कोई उपचार के साथ अपने आप ही दूर (सिकुड़ ) हो जाती है
पुंस्तनवृद्धि के प्रकार 
पुंस्तनवृद्धि  के कारण  सामान्यतः पुंस्तनवृद्धि के कारण अभी तक अनिश्चित माने जाते हैं
संक्षेप में,
स्वास्थ्य की स्थिति सही ना होना
पुरुष हारमोन की कमी
बढ़ती उम्र
वृष्ण,अधिवृक्कग्रंथि, पियूष ग्रंथि में ट्यूमर का होना
गुर्दे की विफलता
अवटू ग्रंथि की अतिसक्रियता
यकृत की विफलता और सिरोसिस
कुपोषण और भुखमरी
सहवास के निष्क्रियता व अतिसक्रियता दोनों
 कई स्वास्थ्य स्थितियां हार्मोन के स्तर को प्रभावित कर पुंस्तनबृद्धि पैदा करती है व्यक्तिगत मामलों के लिए एक मूल कारण निर्धारित नहीं किया जा सकता है कुछ खास व आम कारण यहाँ वर्णित हैं
नर जनन हारमोन टेस्टोस्टेरॉन का निम्न स्तर
एक स्थिति में यह छाती पर  मादा - हार्मोन संबंधी और नर - हार्मोन संबंधी प्रभाव के  असंतुलन के कारण भी हो सकता है
सेक्स हार्मोन बाध्यकारी ग्लोब्युलिन (SHBG) की अधिकता मुक्त टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन के स्तर को निम्न करता है
10% से कम मामलों में दवा के साइड इफेक्ट पुंस्तनवृद्धि के कारण के लिए बदनाम हैं
ऐसी ही एक दवा Spironolactone (Aldactone)  है जिस के साइड इफेक्टस ऐसे पाए गए हैं
एल्कोकल यानी की शराब का अत्याधिक सेवन हार्मोनल गडबडियां  उत्त्पन्न करता है मादा हारमोन एस्ट्रोजन की अधिकता के कारण छातियों में महिला के लक्षण दिखाई देते हैं  पुरुष की छात्तियाँ अधिक वसा का संचय करती हैं और वह मनुष्य असहज महसूस करता है
एक कारण मोटापा भी माना गया है पुंस्तनवृद्धि का परन्तु हमेशा यह कारण पुंस्तनवृद्धि का नहीं हो सकता है क्यूंकि कम मोटे और बिलकुल मोटे नहीं आदमियों में भी पुंस्तनवृद्धि के लक्षण पाए जाते है और किशोरावस्था में तो बिना मोटापे के लक्षण वाले लड़कों में स्तन-वृद्धि प्रदर्शित होती है
आक्सीटोसिन नामक हारमोन जो कि गाय-भैंस का दूध उतारने के लिए दक्षिण एशिया देशों में बहुतायत में प्रयोग होता है इस इंजेक्शन के बेल वाली सब्जियों में तीव्र वृद्धि के लिए भी प्रयोग किये जाने से मनुष्यों में हारमोन असंतुलन बढ़ गया है जिस में मादा में तो द्वितियिक लैंगिक लक्षण जल्दी दिखने लगते हैं और साथ-साथ नरों में भी मादा के द्वितियिक लक्षणों का प्रदर्शन होता है
व्ययाम, शारीर सौष्ठव निर्माण, तैराकी, बैंच प्रेस भारोत्तोलन, मासपेशीय उठान ड्रग्स और प्रोटीन व स्टेरोय्ड्स युक्त खाद्य भी इस समस्या के जनको में से एक हो सकते हैं
पुंस्तनवृद्धि  के प्रकार  सामान्यतः पुंस्तनवृद्धि के दो-तीन प्रकार हैं,
सबसे अधिक तो उभरे हुए गद्देदार चूचक प्रकार की पुंस्तनवृद्धि पायी जाती है और दूसरा प्रकार जो कि आम नहीं है परन्तु पुंस्तनवृद्धि का शुद्ध रूप है वो है स्तन ग्रंथियों के उत्तको का विकास हो जाना
पुरुष स्तन कैंसर के कारण छातियों का उभर जाना
पुंस्तनवृद्धि  के उपचार
किशोरावस्था में तो यह स्वत ही दूर हो जाती है
इसके अलावा पुंस्तनवृद्धि  के दो प्रमुख उपचार हैं,
१. लिपोसक्शन
२. शल्य चिकित्सा 
यहाँ आप शल्य चिकित्सा का विडियो देख सकते हैं (कृपया यह विडियो आप को व्यथित भी कर सकता है)  

5 टिप्‍पणियां:

ब्लॉ.ललित शर्मा ने कहा…

बढिया जानकारी दी मास्टर जी……… राम राम

दर्शन लाल बवेजा ने कहा…

राम राम जी

प्रकाश गोविन्द ने कहा…

sir ji video dekhkar jara bhi vyathit to nahi hua ... han nayi aur mahatvapurn jaankari avashya mil gayi. yun hi gyaan ka prasaar jaari rakhen.
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aapka aabhaar

RAM NARESH MEENA ने कहा…

सर जी ज्ञानवर्धक जानकारी देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद !

डा प्रवीण चोपड़ा ने कहा…

पूरी रिसर्च करने के बाद जुटाई गई लाभदायक जानकारी..