रविवार, 31 अक्तूबर 2010

क्यों लगता है हैण्डपम्प का पानी सर्दियों में गर्म और गर्मियों में ठंडा The water from a tube well or a hand pump appears to be cold in summer and ....

क्यों लगता है हैण्डपम्प का पानी सर्दियों में गर्म और गर्मियों में ठंडा ? Why is  water from a tube well or a hand pump Warm in winters
and cold in summer?

एक बच्चे ने मुझ से एक प्रश्न पूछा कि खेत के ट्यूब-वेळ यानी नलकूप का पानी सर्दियों में गर्म और गर्मियों में ठंडा हो जाता है ऐसा क्यूँ और कैसे होता है ?




ठीक यही प्रश्न और विद्यार्थीयों के भी थे कई  अपने नलके (hand pump) को भी चमत्कारी बता रहे थे 
एक बच्चे ने कहा सर जब  हम गर्मियों में दो -तीन मिनट अपने नलके को चला लेते है तो उस में से बहुत ही ठंडा पानी निकलता है 
और जब जब  हमर्दियों में दो -तीन मिनट अपने नलके को चला लेते है तो उस के बाद उस में से बहुत ही गर्म  पानी निकलता है  
 सब की यह जानने की इच्छा थी |
उत्तर ये है कि सर्दियों में बाहर का तापमान नल से निकले पानी के तापमान से कम होता है और गर्मियों में बाहर का तापमान नल से निकले पानी के तापमान से ज्यादा होता है इस तापान्तर के कारण ही हमे  लगता है हैण्डपम्प का पानी सर्दियों में गर्म और गर्मियों में ठंडा
In Winter ,the outside temperature is lower than that the water flowing out of the pump,and therefore,the water is warm. where as in summer,the outside temperature is higher than the temperature the pump,and therefore,it feels cold.         
 एक उदाहरण के द्वारा यह समझाया गया कि 
माना सभी मौसम में 80-120 फीट बोरिंग वाले भूमिगत जल स्रोत का तापमान = 25 डिग्री सेल्सियस  
और माना गर्मियों का दिन का अधिकतम  तापमान = 35 डिग्री सेल्सियस
 और माना सर्दियों का दिन का न्यूनतम/अधिकतम तापमान =12 से 20 डिग्री सेल्सियस
तो अब इस स्थिति में दोनों बार तापमान में लगभग 10-12 डिग्री सेल्सियस का अंतर रहा 
इतना अंतर काफी होता है 
ताप में ठंडा गर्म महसूस करने के लिए  |
हमने एक प्रयोग भी किया,
एक बीकर में ठंडा फ्रीज़ का पानी लिया 
दूसरे बीकर में ताज़ा पानी लिया 
दोनों के तापमान में अंतर = 15 डिग्री सेल्सियस
पहले ठन्डे पानी में हाथ डुबो कर रखा 
फिर वो ही हाथ ताज़े पानी में डाला तो ताज़ा पानी गर्म लगा 
और समझ गए सब अब इस चमत्कार का रहस्य 
नोट :-हमें सर्दियों  में ताज़े (यानी टैंकी के नहीं) पानी से नहाना चाहिए
नोट :- सुझावों का स्वागत है 
सुझावों और लेख मे सुधारों को लेख मे शामिल कर लिया जाएगा | 
सभी चित्र लेख को  और रुचिकर बनाने के लिए गूगल इमेज से लिए गए(साभार)है
   
  
   

16 टिप्‍पणियां:

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत अच्‍छी जानकारी !!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

उपयोगी और ज्ञानवर्धक आलेख!

आशीष मिश्रा ने कहा…

बहोत ही अच्छी जानकारी.

Patali-The-Village ने कहा…

बहुत अच्छी जानकारी के लिए धन्यवाद|

प० अनिल जी शर्मा सहारनपुर ने कहा…

यह प्रश्न भी उत्तम है और इसका उत्तर भी बहुत सुंदर रूप से आपने दिया हमें छोटे बच्चों के ऐसे प्रश्नों का समाधान आज मिल गया है. आशा करता हूँ कि इसी प्रकार के अन्य प्रश्न भी आपके इस सुन्दर ब्लॉग में मिलेंगे, मेने आपके इस ब्लॉग को अब बुकमार्क कर लिया है. एक बार पुन: आपका धन्यवाद

फ़िरदौस ख़ान ने कहा…

ज्ञानवर्धक आलेख...

Mahendra Gaur ने कहा…

Thanks Respected Darshan sir...........a very usefull information..........thanks for sharing

समय ने कहा…

अच्छी जुंबिश। शुक्रिया।

lokendra singh rajput ने कहा…

क्या बात है रोचक जानकारियां मिलेंगी यहां।

Arvind Mishra ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
Arvind Mishra ने कहा…

रोचक दैनदिन विज्ञान

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

बहुत ही महत्‍वपूर्ण जानकारी। आभार।

---------
मन की गति से चलें।
वृक्ष का नाम बताऍं, विजेता बन जाऍं।

Surendra Singh Bhamboo ने कहा…

ब्लाग जगत की दुनिया में आपका स्वागत है। आप बहुत ही अच्छा लिख रहे है। इसी तरह लिखते रहिए और अपने ब्लॉग को आसमान की उचाईयों तक पहुंचाईये मेरी यही शुभकामनाएं है आपके साथ
‘‘ आदत यही बनानी है ज्यादा से ज्यादा(ब्लागों) लोगों तक ट्प्पिणीया अपनी पहुचानी है।’’
हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

मालीगांव
साया
लक्ष्य

हमारे नये एगरीकेटर में आप अपने ब्लाग् को नीचे के लिंको द्वारा जोड़ सकते है।
अपने ब्लाग् पर लोगों लगाये यहां से
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कृपया अपने ब्लॉग पर से वर्ड वैरिफ़िकेशन हटा देवे इससे टिप्पणी करने में दिक्कत और परेशानी होती है।

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर जानकारी, इस सवाल का जबाब हमे यहां खुद मिल गया था, जब हम बहुत पहले एक बार .२२ C मे बाहर घुमने गये, तो ज्यादा सर्दी ओर हवा के कारण हाथ पांव बहुत ठंडे हो गये, ओर घर आ कर जब हम नल से हाथ धोने लगे तो वो गर्म लगा, फ़िर दुसरी बार हम ने नदी के पानी मे हाथ डाला तो वो भी गर्म लगा, ओर राज हमारी समझ मे आ गया,लेकिन आप ने बहुत सरल ढंग से समझाया, धन्यवाद

संगीता पुरी ने कहा…

इस सुंदर से नए ब्‍लॉग के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

Nirankush Aawaz ने कहा…

लेखन अपने आपमें रचनाधर्मिता का परिचायक है. लिखना जारी रखें, बेशक कोई समर्थन करे या नहीं!
बिना आलोचना के भी लिखने का मजा नहीं!

यदि समय हो तो आप निम्न ब्लॉग पर लीक से हटकर एक लेख
"आपने पुलिस के लिए क्या किया है?"
पढ़ा सकते है.

http://baasvoice.blogspot.com/
Thanks.