मंगलवार, 28 सितंबर 2010

गर्म करने पर दूध उफनता है परन्तु पानी नहीं ? Why does Milk spill over when it Boils?

 गर्म करने पर दूध उफनता है परन्तु पानी नहीं ? Why does Milk spill over when it Boils?
जब दूध को गर्म किया जाता है तो वो उबलने पर उफन कर बाहर आ जाता है परन्तु पानी उफन कर बाहर नहीं आता है ऐसा क्यों होता है ?
इसको जानने से पहले यह जान लेना जरूरी है कि दूध मे होता क्या क्या है ?
पानी के विपरीत, दूध एक सरल तरल नहीं है. यह एक कोलायडल  colloid है और इसमें  निलंबित रूप में कई पदार्थ होते हैं इन पदार्थों मुख्य रूप से प्रोटीन, शर्करा , वसा और विटामिनखनिज होते है 
milk
जब  दूध को गर्म किया जाता है तो प्रोटीन और वसा दूध से अलग हो जाते है हल्के होने के कारण प्रोटीन और वसा दूध की सतह पर एकत्र हो कर एक परत लेयर या फिल्म बनाते है 
दूध  में पानी एक बड़ी मात्रा में होता है गर्म करने के दौरान पानी भाप में परिवर्तित हो जाती है  पानी वाष्प मे बदल कर  ऊपर बढ़ जाता है  दूध के ऊपरी परत क्रीम  के नीचे यह भाप  फँस जाती  है और यदि अब भी हीटिंग जारी रखी  जाये तो भाप तेजी से ऊपर उठती है और बुलबुलों के रूप मे झाग बनाती है और दूध उफन कर बाहर आ जाता है |
तो फिर दूध को कैसे उबाले कि वो उफने नही ?
milk-1
दूध  के पतीले मे एक करछी लंबा चम्मच रख देने से मलाई की परत के नीचे वाष्प एकत्र नहीं होने देती और वाष्प को बहार निकलने का रास्ता मिल जाता है |                  दूसरा उपाय यह है की हम वसा प्रोटीन की परत बनने ही ना दे इसके लिए दूध  को धीरे धीरे हिलाते रहना चाहिये इस से मलाई की परत बनने ही नहीं पाएगी और हिलाते (चलाते) रहने से वाष्प भी निकलती रहेगी |
नोट :- सुझावों का स्वागत है सुझावों और लेख मे सुधारों को लेख मे शामिल कर लिया जाएगा |
सभी चित्र लेख को जीवंत और रुचिकर बनाने के लिए गूगल इमेज से लिए गए(साभार)है

3 टिप्‍पणियां:

प्रकाश गोविन्द ने कहा…

जाने कितने अरसे से घर में देखता आ रहा था कि दूध उबालते समय एक लम्बा सा चम्मच डाल दिया जाता था, कारण पता था कि इससे दूध उबालकर बाहर नहीं आएगा, लेकिन इस कारण के पीछे का कारण आज ही पता चला.
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बहुत धन्यवाद मास्टर जी
आपके समझाने का तरीका बेहतरीन है
आभार

Mahak ने कहा…

मेरी तरफ से भी आपका बहुत-२ धन्यवाद दर्शन लाल जी इस अच्छी जानकारी के लिए

आशीष मिश्रा ने कहा…

बहोत ही अच्छी जानकारी आज तक मुझे ये बात कहीं भी पता नही चली.....बहोत-बहोत धन्यवाद